RBSE Class 9 Science · Chapter 2 · Hindi Medium
क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं? (Is Matter Around Us Pure?)
इस अध्याय में शुद्ध पदार्थ और मिश्रण, समांगी-विषमांगी मिश्रण, विलयन की सांद्रता, निलंबन, कोलाइड, पृथक्करण विधियाँ, भौतिक-रासायनिक परिवर्तन, तत्व और यौगिक को उदाहरण तथा हल किए प्रश्नों के साथ समझें।
1. शुद्ध पदार्थ और मिश्रण (Pure Substance and Mixture)
शुद्ध पदार्थ (Pure Substance)
परिभाषा: ऐसा पदार्थ जिसके सभी कणों की रासायनिक प्रकृति समान हो और जिसका संघटन निश्चित हो, शुद्ध पदार्थ कहलाता है। उदाहरण: शुद्ध सोना, ऑक्सीजन, आसुत जल, शुद्ध सोडियम क्लोराइड (NaCl) और चीनी (सुक्रोज)। निश्चित दबाव पर शुद्ध पदार्थ के गलनांक और क्वथनांक जैसे गुण निश्चित होते हैं।
विज्ञान में “शुद्ध” का अर्थ केवल साफ दिखाई देना नहीं है। साफ दिखने वाला नल का पानी भी घुले लवण और गैसें रख सकता है। दूध एकसमान दिख सकता है, पर उसमें पानी, वसा और प्रोटीन जैसे कई घटक होते हैं; इसलिए दूध मिश्रण है।
मिश्रण (Mixture)
परिभाषा: दो या अधिक पदार्थ जब बिना निश्चित रासायनिक अनुपात में रासायनिक रूप से जुड़े साथ मौजूद हों, तो बने समूह को मिश्रण कहते हैं। उदाहरण: हवा, मिट्टी, नमक-पानी, दूध, पीतल और समुद्री जल। मिश्रण के घटकों का अनुपात बदल सकता है और उन्हें उपयुक्त भौतिक विधियों से अलग किया जा सकता है।
चित्र 1: पदार्थ का सामान्य वर्गीकरण।
2. समांगी और विषमांगी मिश्रण (Homogeneous and Heterogeneous Mixtures)
समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture)
ऐसा मिश्रण जिसका संघटन पूरे नमूने में समान हो और घटक अलग-अलग दिखाई न दें, समांगी कहलाता है। उदाहरण: नमक का घोल, चीनी का घोल, सिरका, हवा और साफ छनी चाय।
विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture)
ऐसा मिश्रण जिसमें संघटन अलग-अलग भागों में अलग हो सकता है या घटक अलग चरणों में दिखाई दें, विषमांगी कहलाता है। उदाहरण: तेल और पानी, मिट्टी मिला पानी, रेत और लोहे का चूर्ण।
| गुण | समांगी मिश्रण | विषमांगी मिश्रण |
|---|---|---|
| संघटन | पूरे नमूने में लगभग समान | अलग-अलग भागों में अलग हो सकता है |
| घटक दिखना | आम तौर पर अलग नहीं दिखते | घटक या परतें दिख सकती हैं |
| उदाहरण | नमक का घोल, सिरका, हवा | मिट्टी, तेल-पानी, रेत-पानी |
| स्वरूप | एक समान चरण जैसा दिखाई देता है | दो या अधिक अलग भाग दिख सकते हैं |
ध्यान दें: एक जैसा दिखना शुद्ध पदार्थ होने का प्रमाण नहीं है। नमक का घोल समांगी मिश्रण है; दूध एकसमान दिखने वाला कोलाइड है।
3. विलयन (Solution)
विलयन: दो या अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण विलयन कहलाता है। नमक-पानी, चीनी-पानी, हवा और सोडा जल उदाहरण हैं।
- विलेय (Solute): वह पदार्थ जो विलायक में घुलता है। नमक के घोल में नमक विलेय है।
- विलायक (Solvent): वह पदार्थ जिसमें विलेय घुलता है। नमक-पानी में पानी विलायक है।
- विलयन (Solution): विलेय और विलायक से बना पूरा समांगी मिश्रण।
सामान्य स्कूल उदाहरणों में अधिक मात्रा वाला घटक अक्सर विलायक होता है, पर हर मिश्रण में सिर्फ मात्रा के आधार पर पहचान करना हमेशा पर्याप्त नहीं होता।
विलयन के गुण
- विलयन समांगी होता है।
- इसके कण इतने छोटे होते हैं कि आँख से अलग नहीं दिखते।
- कण सामान्य filter paper से छनकर गुजरते हैं।
- सामान्यतः कण नीचे नहीं बैठते।
- वास्तविक विलयन टिंडल प्रभाव नहीं दिखाता।
सांद्रता (Concentration)
किसी निश्चित मात्रा के विलयन में मौजूद विलेय की मात्रा सांद्रता बताती है। कम विलेय वाला विलयन तनु (dilute) और तुलनात्मक रूप से ज्यादा विलेय वाला अधिक सांद्र (concentrated) कहलाता है।
द्रव्यमान प्रतिशत = (विलेय का द्रव्यमान ÷ कुल विलयन का द्रव्यमान) × 100Mass by mass percentage (% w/w)
कुल विलयन का द्रव्यमान = विलेय + विलायक। प्रतिशत निकालते समय denominator में कुल विलयन का द्रव्यमान रखें, न कि केवल पानी का द्रव्यमान।
कुल विलयन = 10 + 90 = 100 g। प्रतिशत = (10 ÷ 100) × 100 = 10%।
कुल विलयन = 36 + 100 = 136 g। प्रतिशत = (36 ÷ 136) × 100 = 26.47% लगभग।
कुल विलयन = 200 g। प्रतिशत = (20 ÷ 200) × 100 = 10%।
संतृप्त, असंतृप्त विलयन और घुलनशीलता
असंतृप्त विलयन (Unsaturated Solution): निश्चित तापमान पर ऐसा विलयन जिसमें और विलेय घुल सकता है। संतृप्त विलयन (Saturated Solution): निश्चित तापमान पर ऐसा विलयन जिसमें विलेय की अधिकतम मात्रा घुल चुकी हो। घुलनशीलता (Solubility): निश्चित तापमान पर निश्चित मात्रा के विलायक में घुल सकने वाले विलेय की अधिकतम मात्रा।
पहचान: एक ही तापमान पर थोड़ा और विलेय डालकर हिलाएँ। यदि घुल जाए तो विलयन असंतृप्त था; यदि अतिरिक्त विलेय घुलना बंद कर दे और नीचे रह जाए तो विलयन संतृप्त है। तापमान बदलने से घुलनशीलता बदल सकती है।
4. वास्तविक विलयन, कोलाइड और निलंबन
निलंबन (Suspension)
वह विषमांगी मिश्रण जिसमें अघुलनशील कण द्रव या गैस में फैले रहते हैं, पर कुछ समय रखने पर नीचे बैठ सकते हैं, निलंबन कहलाता है। उदाहरण: मिट्टी मिला पानी या चॉक-पाउडर मिला पानी।
कोलाइड (Colloid)
ऐसा मिश्रण जिसमें एक पदार्थ के बहुत सूक्ष्म कण दूसरे पदार्थ में फैले रहते हैं। यह देखने में एकसमान लग सकता है, लेकिन सूक्ष्म स्तर पर विषमांगी होता है। उदाहरण: दूध, धुंध, धुआँ, जेली, फेस क्रीम और स्टार्च का कोलाइडल मिश्रण। इसके कण सामान्यतः नीचे नहीं बैठते।
टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect)
जब कोलाइड के कण प्रकाश को बिखेरते हैं और प्रकाश की किरण का मार्ग दिखाई देने लगता है, तो इसे टिंडल प्रभाव कहते हैं। धुंध में वाहन की हेडलाइट या धूल भरे कमरे में सूरज की किरण इसके उदाहरण हैं। नमक का वास्तविक विलयन सामान्यतः यह प्रभाव नहीं दिखाता; दूध और स्टार्च कोलाइड दिखा सकते हैं।
चित्र 2: वास्तविक विलयन, कोलाइड और निलंबन का अंतर।
| गुण | वास्तविक विलयन | कोलाइड | निलंबन |
|---|---|---|---|
| प्रकृति | समांगी | सूक्ष्म स्तर पर विषमांगी | विषमांगी |
| कण आकार | बहुत छोटा; सामान्यतः 1 nm से कम | विलयन से बड़ा, लगभग 1–1000 nm | सामान्यतः 1000 nm से बड़ा |
| दिखाई देना | कण नहीं दिखते | कण सामान्यतः अलग नहीं दिखते | कण दिख सकते हैं |
| स्थिरता | नीचे नहीं बैठते | सामान्यतः नीचे नहीं बैठते | बैठ सकते हैं |
| सामान्य filtration | छनकर गुजरते हैं | सामान्य फिल्टर पेपर से अलग नहीं होते | कण रोके जा सकते हैं |
| टिंडल प्रभाव | नहीं | हाँ | प्रकाश बिखेर सकते हैं |
| उदाहरण | नमक का घोल | दूध, धुंध, जेली | मिट्टी मिला पानी |
5. मिश्रण के घटकों का पृथक्करण (Separation Methods)
मिश्रण को अलग करने की विधि उसके घटकों के गुणों के अंतर पर निर्भर करती है—जैसे आकार, घनत्व, चुंबकीय गुण, घुलनशीलता, उबलने का तापमान या उर्ध्वपातन की क्षमता।
| विधि | किस गुण का उपयोग? | उदाहरण |
|---|---|---|
| हाथ से चुनना (Handpicking) | आकार/रंग में स्पष्ट अंतर | दाल से कंकड़ |
| फटकना (Winnowing) | हल्के और भारी कणों का अंतर | गेहूँ से भूसा |
| छलनीकरण (Sieving) | कणों का आकार | रेत से कंकड़ |
| चुंबकीय पृथक्करण | चुंबक से आकर्षण | रेत से लोहे की पिनें |
| अवसादन (Sedimentation) | घने अघुलनशील कण नीचे बैठते हैं | मिट्टी मिला पानी स्थिर रखना |
| निथारना (Decantation) | तलछट बैठने के बाद ऊपर का द्रव निकालना | रेत-पानी |
| छानना (Filtration) | अघुलनशील ठोस फिल्टर में रुकता है | चाय से पत्ती |
| वाष्पीकरण (Evaporation) | विलायक उड़ जाता है | समुद्री जल से नमक |
| आसवन (Distillation) | वाष्पीकरण के बाद वाष्प का संघनन | नमक वाले पानी से पानी पाना |
| प्रभाजी आसवन (Fractional distillation) | मिश्रणीय द्रवों के क्वथनांकों में कम अंतर | पेट्रोलियम के अलग अंश |
| अपकेंद्रीकरण (Centrifugation) | तेज घुमाने पर घनत्व के अनुसार पृथक्करण | दही से मक्खन/क्रीम |
| पृथक्करण कीप (Separating funnel) | अमिश्रणीय द्रवों की अलग परतें | तेल और पानी |
| उर्ध्वपातन (Sublimation) | एक ठोस सीधे वाष्प बनता है | अमोनियम क्लोराइड + NaCl |
| क्रोमैटोग्राफी (Chromatography) | घटक माध्यम पर अलग गति से चलते हैं | स्याही/फूलों के रंगद्रव्य |
| क्रिस्टलीकरण (Crystallisation) | घोल से शुद्ध ठोस के क्रिस्टल | अशुद्ध फिटकरी/कॉपर सल्फेट शुद्ध करना |
वाष्पीकरण और आसवन में अंतर
वाष्पीकरण में विलायक उड़कर चला जाता है और घुला हुआ अवाष्पशील ठोस पीछे रह जाता है। आसवन में द्रव को वाष्प बनाते हैं, फिर वाष्प को ठंडा करके संघनित द्रव इकट्ठा करते हैं। नमक प्राप्त करने के लिए वाष्पीकरण उपयोगी है; नमक-पानी से पानी वापस पाने के लिए आसवन उपयोगी है।
पृथक्करण कीप (Separating Funnel)
तेल और पानी जैसे अमिश्रणीय द्रव अलग परतें बनाते हैं। कीप में भारी द्रव नीचे और हल्का द्रव ऊपर रहता है। नल खोलकर नीचे की परत अलग निकाली जा सकती है।
क्रोमैटोग्राफी (Chromatography)
इस विधि में मिश्रण के घटक किसी सतह या माध्यम में अलग-अलग गति से आगे बढ़ते हैं। कागज पर काली स्याही का धब्बा उपयुक्त विलायक के साथ कई रंगों में अलग हो सकता है।
क्रिस्टलीकरण (Crystallisation)
घोल से शुद्ध ठोस को क्रिस्टल रूप में प्राप्त करने की विधि क्रिस्टलीकरण कहलाती है। अशुद्ध ठोस को उपयुक्त विलायक में घोलकर, फिर घोल को नियंत्रित तरीके से ठंडा करने पर शुद्ध क्रिस्टल बन सकते हैं; कई अशुद्धियाँ घोल में बच जाती हैं।
चित्र 3: सही विधि मिश्रण के घटकों के गुणों पर निर्भर करती है।
| मिश्रण | उचित विधि | कारण |
|---|---|---|
| पानी से नमक | वाष्पीकरण/क्रिस्टलीकरण | पानी हटने पर नमक बचता है। |
| अमोनियम क्लोराइड + NaCl | उर्ध्वपातन | अमोनियम क्लोराइड गरम करने पर सीधे वाष्प बनता है; NaCl पीछे रहता है। |
| इंजन ऑयल में धातु के टुकड़े | छानना/उपयुक्त छलनी | टुकड़े तेल में घुले नहीं होते। |
| दही से मक्खन | मथना/अपकेंद्रीकरण | घनत्व के अंतर से वसा अलग होती है। |
| तेल-पानी | पृथक्करण कीप | दोनों अमिश्रणीय परतें बनाते हैं। |
| चाय से पत्ती | छानना | पत्ती फिल्टर में रुक जाती है। |
| रेत से लोहे की पिन | चुंबक | लोहा आकर्षित होता है, रेत नहीं। |
| गेहूँ से भूसा | फटकना | भूसा हल्का है और हवा से उड़ता है। |
| पानी में महीन मिट्टी | अवसादन/निथारना/छानना | कण बैठते हैं या फिल्टर में रुकते हैं। |
| फूल की पंखुड़ी के रंगद्रव्य | क्रोमैटोग्राफी | रंगद्रव्य अलग-अलग गति से चलते हैं। |
6. भौतिक और रासायनिक परिवर्तन (Physical and Chemical Changes)
भौतिक परिवर्तन
जिस परिवर्तन में आकार, अवस्था या भौतिक रूप बदलता है, लेकिन नया पदार्थ नहीं बनता, वह भौतिक परिवर्तन है। उदाहरण: बर्फ पिघलना, पानी उबलना, नमक का पानी में घुलना, कागज काटना और फलों का सलाद बनाना। कई भौतिक परिवर्तन वापस हो सकते हैं, लेकिन वापस होना अकेला निर्णायक नियम नहीं है।
रासायनिक परिवर्तन
जिस परिवर्तन में रासायनिक संघटन बदलता है और नया पदार्थ बनता है, वह रासायनिक परिवर्तन है। उदाहरण: लोहे में जंग, लकड़ी/कागज का जलना, भोजन पकना, भोजन का पचना और पानी का विद्युत अपघटन होकर हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन बनना।
| आधार | भौतिक परिवर्तन | रासायनिक परिवर्तन |
|---|---|---|
| नया पदार्थ | नहीं बनता | बनता है |
| मुख्य बदलाव | आकार, अवस्था या भौतिक रूप | रासायनिक संघटन/गुण |
| उदाहरण | बर्फ पिघलना, नमक घुलना | जंग लगना, लकड़ी जलना |
| वापस होना | कई बार वापस हो सकता है | सामान्यतः सरल भौतिक तरीके से वापस नहीं होता |
मोमबत्ती जलने में दोनों बदलाव: मोम का पिघलना भौतिक परिवर्तन है; मोम-वाष्प का जलकर नए पदार्थ बनाना रासायनिक परिवर्तन है।
7. तत्व और यौगिक (Elements and Compounds)
तत्व (Element)
तत्व शुद्ध पदार्थ है जिसे सामान्य रासायनिक विधियों से और सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता। उदाहरण: लोहा (Fe), ताँबा (Cu), चाँदी (Ag), ऑक्सीजन (O), हाइड्रोजन (H), सोडियम (Na) और सिलिकॉन (Si)।
- धातु (Metal): सामान्यतः चमकदार, ऊष्मा/विद्युत की चालक, पीटकर चादर बन सकने वाली (malleable) और तार खींचे जा सकने वाली (ductile)। उदाहरण: लोहा, ताँबा, सोना।
- अधातु (Non-metal): सामान्यतः धातुओं जैसे गुण नहीं दिखातीं। उदाहरण: ऑक्सीजन, क्लोरीन, कार्बन, सल्फर। ग्रेफाइट विद्युत का संचालन कर सकता है, इसलिए अपवादों को ध्यान रखें।
- उपधातु (Metalloid): धातु और अधातु, दोनों के कुछ गुण। उदाहरण: सिलिकॉन और बोरॉन।
यौगिक (Compound)
जब दो या अधिक तत्व निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से जुड़ते हैं, तो बना शुद्ध पदार्थ यौगिक कहलाता है। उदाहरण: जल (H₂O), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), सोडियम क्लोराइड (NaCl), कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) और मीथेन (CH₄)। यौगिक के गुण घटक तत्वों से अलग हो सकते हैं।
| आधार | मिश्रण | यौगिक |
|---|---|---|
| संघटन | अनुपात बदल सकता है | घटक निश्चित अनुपात में |
| घटक के गुण | कई मूल गुण बने रहते हैं | नए गुण वाला पदार्थ बनता है |
| अलग करने की विधि | भौतिक विधियाँ कई मामलों में पर्याप्त | रासायनिक प्रक्रिया की जरूरत हो सकती है |
| उदाहरण | हवा, पीतल, नमक-पानी | शुद्ध जल, NaCl, CO₂ |
8. पाठगत प्रश्न (In-text Questions — हल सहित)
इन प्रश्नों को पाठ्यपुस्तक के प्रमुख विषयों के अनुसार सरल रूप में दिया गया है। अलग reprint में पृष्ठ या शब्दावली बदल सकती है।
उत्तर: ऐसा पदार्थ जिसके सभी कणों की रासायनिक प्रकृति समान हो और संघटन निश्चित हो, शुद्ध पदार्थ कहलाता है। उदाहरण: शुद्ध लोहा, ऑक्सीजन, आसुत जल और NaCl।
उत्तर: समांगी मिश्रण का संघटन पूरे नमूने में लगभग समान होता है, जैसे नमक का घोल। विषमांगी मिश्रण में अलग भागों का संघटन अलग हो सकता है, जैसे तेल-पानी या मिट्टी मिला पानी।
उत्तर: विलयन समांगी है और टिंडल प्रभाव नहीं दिखाता। कोलाइड सूक्ष्म स्तर पर विषमांगी है, प्रकाश बिखेरता है और सामान्यतः नीचे नहीं बैठता। निलंबन विषमांगी है; उसके कण नीचे बैठ सकते हैं और फिल्टर से अलग किए जा सकते हैं।
हल: कुल विलयन = 36 + 100 = 136 g। प्रतिशत = (36 ÷ 136) × 100 = 26.47% लगभग।
उत्तर: प्रभाजी आसवन (fractional distillation)। इसमें प्रभाजी स्तंभ में बार-बार वाष्पीकरण और संघनन से अलग क्वथनांक वाले घटक अलग होते हैं।
उत्तर: (i) मथना/अपकेंद्रीकरण, (ii) वाष्पीकरण/क्रिस्टलीकरण, (iii) उर्ध्वपातन।
उत्तर: ऐसे घोल से शुद्ध ठोस के क्रिस्टल पाने के लिए जिसमें ठोस के साथ अशुद्धियाँ भी हों। उदाहरण: अशुद्ध फिटकरी या कॉपर सल्फेट को शुद्ध करना।
भौतिक: पेड़ काटना, मक्खन पिघलना, पानी उबलना, नमक घुलना, फल सलाद बनाना। रासायनिक: जंग लगना, विद्युत अपघटन से H₂/O₂ बनना, लकड़ी/कागज जलना।
9. पाठ्यपुस्तक अभ्यास (Exercise — हल सहित)
प्रमुख अभ्यास प्रश्नों को अध्ययन के लिए संक्षेप/पुनर्लेखन में प्रस्तुत किया गया है। उन्हें अपने निर्धारित संस्करण के प्रश्न क्रम से मिलाकर अभ्यास करें।
प्रश्न 1. नीचे दिए मिश्रणों को पृथक् करने की विधि व कारण लिखिए।
| मिश्रण | विधि | कारण |
|---|---|---|
| (a) पानी के विलयन से NaCl | वाष्पीकरण/क्रिस्टलीकरण | पानी हटने पर नमक पीछे रह जाता है। |
| (b) NaCl और अमोनियम क्लोराइड | उर्ध्वपातन | अमोनियम क्लोराइड गर्म करने पर वाष्प बनता है; NaCl पीछे रहता है। |
| (c) इंजन ऑयल में धातु के छोटे टुकड़े | छानना/उपयुक्त छलनी | टुकड़े तेल में घुले नहीं होते। |
| (d) दही से मक्खन | मथना/अपकेंद्रीकरण | घनत्व के अंतर से वसा अलग होती है। |
| (e) तेल और पानी | पृथक्करण कीप | दोनों अमिश्रणीय परतें बनाते हैं। |
| (f) चाय से पत्ती | छानना | पत्ती फिल्टर में रुकती है। |
| (g) रेत से लोहे की पिनें | चुंबकीय पृथक्करण | लोहा चुंबक से आकर्षित होता है। |
| (h) गेहूँ से भूसा | फटकना | भूसा हल्का और हवा से उड़ने योग्य है। |
| (i) पानी में महीन मिट्टी | अवसादन/निथारना; जरूरत पर छानना | कण बैठते हैं या फिल्टर में रुकते हैं। |
| (j) फूल की पंखुड़ी से रंगद्रव्य | क्रोमैटोग्राफी | रंगद्रव्य माध्यम पर अलग गति से चलते हैं। |
प्रश्न 2. चाय बनाते समय Solvent, Solute, Dissolve, Soluble, Insoluble, Filtrate और Residue का उपयोग करके समझाइए।
प्रश्न 3. संतृप्त और असंतृप्त विलयन में अंतर कैसे पता करेंगे?
प्रश्न 4. उदाहरण सहित परिभाषित करें: संतृप्त विलयन, शुद्ध पदार्थ, कोलाइड और निलंबन।
निश्चित तापमान पर जिसमें अधिकतम विलेय घुल चुका हो; अतिरिक्त विलेय नहीं घुलता।
समान रासायनिक प्रकृति के कणों और निश्चित संघटन वाला पदार्थ; उदाहरण शुद्ध लोहा।
सूक्ष्म कणों वाला मिश्रण जो प्रकाश बिखेर सकता है और सामान्यतः नीचे नहीं बैठता; उदाहरण दूध।
बड़े अघुलनशील कणों वाला विषमांगी मिश्रण; उदाहरण मिट्टी मिला पानी।
प्रश्न 5. सोडा जल, लकड़ी, हवा, मिट्टी, सिरका और छनी हुई चाय को समांगी/विषमांगी में रखें।
प्रश्न 6. रंगहीन तरल शुद्ध पानी है या नहीं, कैसे जाँचेंगे?
प्रश्न 7. इनमें से कौन शुद्ध पदार्थ हैं: बर्फ, दूध, लोहा, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, कैल्शियम ऑक्साइड, पारा, ईंट, लकड़ी, हवा?
प्रश्न 8. मिट्टी, समुद्री जल, हवा, कोयला और सोडा जल में से कौन विलयन हैं?
प्रश्न 9. नमक का घोल, दूध, कॉपर सल्फेट का घोल और स्टार्च विलयन में कौन टिंडल प्रभाव दिखाएगा?
प्रश्न 10. सोडियम, मिट्टी, चीनी का घोल, चाँदी, कैल्शियम कार्बोनेट, टिन, सिलिकॉन, कोयला, हवा, साबुन, मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड और रक्त को वर्गीकृत करें।
| तत्व | यौगिक | मिश्रण |
|---|---|---|
| सोडियम, चाँदी, टिन, सिलिकॉन | कैल्शियम कार्बोनेट, मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड | मिट्टी, चीनी का घोल, कोयला, हवा, साबुन, रक्त |
प्रश्न 11. कौन-से रासायनिक परिवर्तन हैं: पौधे की वृद्धि, जंग, लोहे का चूर्ण + रेत मिलाना, खाना पकाना, भोजन पचना, पानी जमना, मोमबत्ती जलना?
10. अतिरिक्त स्कूल और प्रतियोगी प्रश्न (हल सहित)
नमक का घोल नमक और पानी का भौतिक मिश्रण है, और उसका अनुपात बदल सकता है। शुद्ध NaCl में सोडियम और क्लोरीन निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से जुड़े होते हैं।
पीतल ताँबा और जस्ता की मिश्रधातु है। इनके अनुपात में बदलाव हो सकता है और धातुएँ मिश्रण में अपने कई मूल गुण बनाए रखती हैं।
इसके कण बहुत सूक्ष्म होते हैं, इसलिए आँखों से अलग नहीं दिखते। सूक्ष्म स्तर पर फैला पदार्थ और माध्यम अलग होते हैं।
न रेत का, न लोहे का रासायनिक संघटन बदलता है; केवल घटक अलग किए जाते हैं।
कुल विलयन = 150 g। प्रतिशत = (15 ÷ 150) × 100 = 10%।
प्रतिशत = (50 ÷ 200) × 100 = 25%। यहाँ विलयन का कुल द्रव्यमान दिया है।
जब अधिक शुद्ध क्रिस्टल चाहिए हों। नियंत्रित शीतलन से शुद्ध ठोस के क्रिस्टल बन सकते हैं और कई अशुद्धियाँ घोल में रह जाती हैं।
नहीं। सिरका, नमक का घोल और अन्य रंगहीन मिश्रण पारदर्शी हो सकते हैं। शुद्धता संघटन और गुणों से जाँची जाती है, केवल दिखावट से नहीं।
11. MCQs — बोर्ड और प्रतियोगी अभ्यास
A. कई अलग रासायनिक प्रकृति वाले B. समान रासायनिक प्रकृति वाले C. कोई कण नहीं D. सिर्फ दिखने वाले
उत्तर: B
A. रेत-पानी B. तेल-पानी C. नमक का घोल D. मिट्टी
उत्तर: C
A. नमक का घोल B. दूध C. आसुत जल D. शुद्ध चीनी
उत्तर: B
A. चुंबक B. पृथक्करण कीप C. क्रोमैटोग्राफी D. छलनी
उत्तर: B
A. उर्ध्वपातन B. फटकना C. छानना D. निथारना
उत्तर: A
A. भौतिक परिवर्तन B. रासायनिक परिवर्तन C. केवल अवस्था परिवर्तन D. कोई परिवर्तन नहीं
उत्तर: B — हाइड्रोजन और ऑक्सीजन नए पदार्थ के रूप में बनते हैं।
A. हवा B. पीतल C. CO₂ D. मिट्टी
उत्तर: C
A. 10% B. 20% C. 25% D. 80%
उत्तर: B — कुल 100 g; (20/100) × 100 = 20%।
A. गैस संपीडित करना B. ठोस के शुद्ध क्रिस्टल पाना C. पदार्थ जलाना D. चुंबकीय पदार्थ बनाना
उत्तर: B
A. भौतिक परिवर्तन B. रासायनिक परिवर्तन C. सिर्फ आकार बदलना D. कोई परिवर्तन नहीं
उत्तर: B
12. त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- शुद्ध पदार्थ: समान रासायनिक प्रकृति के कण और निश्चित संघटन।
- मिश्रण: दो या अधिक पदार्थ; अनुपात बदल सकता है और घटक भौतिक विधियों से अलग हो सकते हैं।
- समांगी: पूरे नमूने में समान संघटन; विषमांगी: अलग भागों में संघटन अलग हो सकता है।
- विलयन: समांगी मिश्रण; विलेय विलायक में घुलता है।
- द्रव्यमान प्रतिशत: विलेय द्रव्यमान ÷ कुल विलयन द्रव्यमान × 100।
- कोलाइड: टिंडल प्रभाव; सामान्यतः कण नीचे नहीं बैठते।
- निलंबन: विषमांगी; कण बैठ और फिल्टर किए जा सकते हैं।
- पृथक्करण: विधि घटकों के आकार, घनत्व, घुलनशीलता, चुंबकीय गुण और क्वथनांक के आधार पर चुनें।
- भौतिक परिवर्तन: नया पदार्थ नहीं; रासायनिक परिवर्तन: नया पदार्थ बनता है।
- तत्व: सामान्य रासायनिक विधि से और सरल पदार्थ में विभाजित नहीं; यौगिक: तत्व निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से जुड़े।
आधिकारिक पाठ्यक्रम संदर्भ
अध्याय क्रम और ताजा निर्देशों के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान तथा RBSE Books 2026–27 देखें। अध्याय का 6-अंक संदर्भ उपलब्ध आधिकारिक syllabus PDF (परीक्षा 2026) में है: Class 9 Science syllabus.
ये स्वतंत्र हिंदी व्याख्या और अभ्यास-उत्तर हैं। अलग reprint में प्रश्न का क्रम या शब्दावली बदल सकती है। अपने विद्यालय की निर्धारित पुस्तक और नवीनतम blueprint से मिलान करें।