RBSE Class 9 Science · Chapter 1 · Exam Notes
हमारे आस-पास के पदार्थ (Matter in Our Surroundings)
पदार्थ के कण, ठोस-द्रव-गैस, अवस्था परिवर्तन, गुप्त ऊष्मा और वाष्पीकरण—सरल व्याख्या, हल किए प्रश्न और परीक्षा अभ्यास।
1. पदार्थ क्या है? (What Is Matter?)
पदार्थ (Matter): वह वस्तु जिसका द्रव्यमान (mass) होता है और जो स्थान घेरती है, पदार्थ कहलाती है। हवा, पानी, पत्थर, लकड़ी, दूध और हमारा शरीर पदार्थ के उदाहरण हैं। प्रकाश और ध्वनि पदार्थ नहीं, बल्कि ऊर्जा के रूप हैं।
द्रव्यमान (Mass): किसी वस्तु में पदार्थ की मात्रा का माप। इसकी SI इकाई किलोग्राम (kg) है। आयतन (Volume): वस्तु जितना स्थान घेरती है; इसकी SI इकाई घन मीटर (m³) है।
2. पदार्थ के कणों की विशेषताएँ (Characteristics of Particles)
(i) पदार्थ बहुत छोटे कणों से बना है
पदार्थ का एक छोटा-सा नमूना भी बहुत बड़ी संख्या में सूक्ष्म कणों से बना होता है। पोटैशियम परमैंगनेट के कुछ क्रिस्टल बहुत अधिक पानी को रंग सकते हैं, क्योंकि उसके कण पानी में फैल जाते हैं।
(ii) कणों के बीच खाली स्थान होता है
चीनी या नमक पानी में घुलने पर उनके कण पानी के कणों के बीच मौजूद स्थानों में फैल जाते हैं। इससे पता चलता है कि पदार्थ के कणों के बीच कुछ जगह होती है।
(iii) कण लगातार गति करते रहते हैं
पदार्थ के कणों में गति-ऊर्जा (kinetic energy) होती है। तापमान बढ़ाने पर सामान्यतः कणों की औसत गति-ऊर्जा बढ़ती है, इसलिए विसरण (diffusion) तेज होता है।
(iv) कण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं
कणों के बीच आकर्षण बल होता है। ठोस में यह सामान्यतः सबसे अधिक, द्रव में कम और गैस में बहुत कम होता है। इसी कारण ठोस का आकार स्थिर रहता है, जबकि गैस फैलकर पात्र को भर देती है।
चित्र 1: अलग-अलग अवस्थाओं में कणों की दूरी और व्यवस्था अलग होती है।
Diffusion (विसरण) क्या है?
दो पदार्थों के कणों का अपने-आप एक-दूसरे में फैलना विसरण कहलाता है। उदाहरण: कमरे में इत्र की गंध का दूर तक फैलना या पानी में स्याही का फैलना। गैसों में कण तेजी से और दूर तक गति करते हैं, इसलिए उनका विसरण सामान्यतः द्रवों से तेज होता है।
3. पदार्थ की तीन मुख्य अवस्थाएँ (Three States of Matter)
| गुण | ठोस (Solid) | द्रव (Liquid) | गैस (Gas) |
|---|---|---|---|
| आकार | निश्चित | निश्चित नहीं; पात्र का आकार लेता है | निश्चित नहीं; पूरे पात्र में फैलती है |
| आयतन | निश्चित | निश्चित | निश्चित नहीं; पात्र के अनुसार |
| कणों के बीच दूरी | बहुत कम | ठोस से अधिक | बहुत अधिक |
| आकर्षण बल | सामान्यतः सबसे अधिक | मध्यम | बहुत कम |
| संपीड्यता (Compressibility) | बहुत कम | कम | बहुत अधिक |
| कणों की गति | मुख्यतः अपने स्थान पर कंपन | एक-दूसरे के ऊपर से खिसक सकते हैं | तेजी से स्वतंत्र गति |
| उदाहरण | बर्फ, पत्थर | पानी, तेल | हवा, ऑक्सीजन |
गैस को आसानी से संपीडित क्यों किया जा सकता है?
गैस के कणों के बीच बहुत अधिक खाली स्थान होता है। दबाव डालने पर कणों को पास लाया जा सकता है, इसलिए गैस का आयतन कम हो सकता है। ठोस और द्रव में कण पहले से पास होते हैं, इसलिए उन्हें बहुत कम संपीडित किया जा सकता है।
4. अवस्था परिवर्तन (Change of State)
तापमान या दबाव बदलने पर पदार्थ एक अवस्था से दूसरी अवस्था में जा सकता है। अवस्था बदलने पर पदार्थ की रासायनिक पहचान सामान्यतः वही रहती है: बर्फ, पानी और जलवाष्प तीनों पानी ही हैं।
चित्र 2: पदार्थ की मुख्य अवस्थाएँ और अवस्था परिवर्तन।
| परिवर्तन | नाम | उदाहरण |
|---|---|---|
| ठोस → द्रव | गलन (Melting/Fusion) | बर्फ का पानी बनना |
| द्रव → ठोस | जमना (Freezing) | पानी का बर्फ बनना |
| द्रव → गैस | वाष्पन/वाष्पीकरण (Vaporisation/Evaporation) | पानी का भाप बनना |
| गैस → द्रव | संघनन (Condensation) | ठंडे गिलास के बाहर पानी की बूंदें बनना |
| ठोस → सीधे गैस | उर्ध्वपातन (Sublimation) | कपूर या नैफ्थलीन का सीधे वाष्प बनना |
| गैस → सीधे ठोस | निक्षेपण (Deposition) | विशेष परिस्थितियों में जलवाष्प से बर्फ बनना |
तापमान से अवस्था कैसे बदलती है?
गर्म करने पर कणों की गति-ऊर्जा बढ़ती है। पर्याप्त ऊर्जा मिलने पर कणों के बीच आकर्षण के प्रभाव से बाहर निकलकर पदार्थ की अवस्था बदल सकती है। ठंडा करने पर सामान्यतः कणों की गति-ऊर्जा घटती है और गैस द्रव या द्रव ठोस में बदल सकता है।
गलनांक (Melting Point): वह तापमान जिस पर किसी निश्चित दबाव पर ठोस पिघलकर द्रव बनने लगता है। सामान्य वायुमंडलीय दबाव पर बर्फ का गलनांक लगभग 0°C या 273 K है।
क्वथनांक (Boiling Point): वह तापमान जिस पर द्रव के भीतर भी वाष्प के बुलबुले बनने लगते हैं और द्रव उबलता है। सामान्य वायुमंडलीय दबाव पर पानी का क्वथनांक लगभग 100°C या 373 K है। दबाव बदलने पर क्वथनांक बदल सकता है।
तापमान रूपांतरण:
Kelvin (K) = Celsius (°C) + 273
Celsius (°C) = Kelvin (K) − 273
उदाहरण: 25°C = 25 + 273 = 298 K। और 300 K = 300 − 273 = 27°C। स्कूल स्तर पर सामान्यतः 273 का प्रयोग किया जाता है; अधिक सटीक रूपांतरण में 273.15 लें। Kelvin के साथ degree का चिह्न नहीं लगाते: 300 K सही है, 300°K नहीं।
चित्र 3: समतल भागों B–C और D–E में अवस्था बदलने के कारण तापमान स्थिर रहता है।
Latent Heat (गुप्त ऊष्मा)
अवस्था परिवर्तन के दौरान पदार्थ ऊष्मा ले या छोड़ सकता है, लेकिन अवस्था बदलते समय उसका तापमान कुछ समय स्थिर रह सकता है। इस ऊष्मा का उपयोग तापमान बढ़ाने के बजाय कणों के बीच आकर्षण को बदलने में होता है। अवस्था बदलने के लिए दी या ली गई ऊष्मा को गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) कहते हैं।
- गलन की गुप्त ऊष्मा: गलनांक पर ठोस को द्रव में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा, बिना तापमान बदले।
- वाष्पन की गुप्त ऊष्मा: क्वथनांक पर द्रव को गैस में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा, बिना तापमान बदले।
दबाव से अवस्था परिवर्तन
गैस का दबाव बढ़ाने और तापमान घटाने से उसके कण पास लाए जा सकते हैं, जिससे गैस द्रव में बदल सकती है। LPG को सिलेंडर में दबाव के कारण द्रव रूप में रखा जाता है। सिलेंडर से बाहर निकलने पर दबाव घटता है और LPG गैस बनती है।
5. Evaporation (वाष्पीकरण)
वाष्पीकरण: द्रव की सतह से कुछ कण पर्याप्त ऊर्जा पाकर किसी भी तापमान पर गैस में बदलकर बाहर निकल जाते हैं। यह केवल सतह पर होने वाली प्रक्रिया है।
क्वथन और वाष्पीकरण में अंतर: वाष्पीकरण सतह पर और किसी भी तापमान पर हो सकता है; क्वथन एक निश्चित दबाव पर क्वथनांक के आसपास पूरे द्रव में होता है और बुलबुले बनते हैं।
वाष्पीकरण को प्रभावित करने वाले कारक
| कारक | प्रभाव | कारण |
|---|---|---|
| सतह का क्षेत्रफल | क्षेत्रफल बढ़े तो वाष्पीकरण बढ़ता है | अधिक कण सतह पर होते हैं |
| तापमान | तापमान बढ़े तो वाष्पीकरण बढ़ता है | अधिक कणों को बाहर निकलने योग्य ऊर्जा मिलती है |
| हवा की गति | हवा तेज हो तो वाष्पीकरण बढ़ता है | सतह के पास जमा वाष्प हटती रहती है |
| आर्द्रता (Humidity) | आर्द्रता बढ़े तो वाष्पीकरण घटता है | हवा में पहले से जलवाष्प अधिक होती है |
चित्र 4: वाष्पीकरण में सतह के कण निकलते हैं; सूखी और गतिशील हवा प्रक्रिया को तेज करती है।
वाष्पीकरण से ठंडक क्यों होती है?
द्रव की सतह से अधिक ऊर्जा वाले कण बाहर निकलते हैं। शेष द्रव की औसत गति-ऊर्जा घट जाती है, इसलिए उसका तापमान कम हो सकता है। यह वाष्पीकरण द्वारा शीतलन (Cooling due to Evaporation) है।
- पसीना: पसीना वाष्पित होने पर शरीर से ऊष्मा लेता है और ठंडक देता है।
- रेगिस्तान में कूलर: गर्म और शुष्क हवा में पानी तेजी से वाष्पित होता है, इसलिए कूलर अधिक ठंडक दे सकता है।
- मिट्टी के घड़े का पानी: घड़े के सूक्ष्म छिद्रों से बाहर आया पानी वाष्पित होता है और पानी को ठंडा करता है।
- गीले कपड़े: कपड़े फैलाकर सुखाने से सतह का क्षेत्रफल बढ़ता है; हवा और गर्मी मिलने पर वे जल्दी सूखते हैं।
6. महत्त्वपूर्ण परिभाषाएँ (Important Definitions)
| Term | परीक्षा में लिखने योग्य अर्थ |
|---|---|
| पदार्थ (Matter) | जिसका द्रव्यमान हो और जो स्थान घेरता हो। |
| विसरण (Diffusion) | दो पदार्थों के कणों का अपने-आप एक-दूसरे में फैलना। |
| संपीड्यता (Compressibility) | दबाव डालने पर किसी पदार्थ का आयतन कम होने की क्षमता। |
| गलन (Melting) | ठोस का ऊष्मा लेकर द्रव में बदलना। |
| संघनन (Condensation) | गैस/वाष्प का ठंडा होकर द्रव में बदलना। |
| उर्ध्वपातन (Sublimation) | ठोस का द्रव अवस्था से गुजरे बिना सीधे गैस बनना। |
| गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) | अवस्था परिवर्तन के दौरान तापमान बदले बिना ली या छोड़ी गई ऊष्मा। |
| वाष्पीकरण (Evaporation) | द्रव की सतह से कणों का किसी भी तापमान पर गैस में बदलना। |
| आर्द्रता (Humidity) | हवा में मौजूद जलवाष्प की मात्रा का माप/संकेत। |
7. स्कूल परीक्षा के महत्त्वपूर्ण प्रश्न (RBSE Exam Questions)
उत्तर: जिस वस्तु का द्रव्यमान होता है और जो स्थान घेरती है, वह पदार्थ है। जैसे पानी, हवा, लकड़ी और पत्थर।
उत्तर: (1) पदार्थ छोटे कणों से बना है। (2) कणों के बीच खाली स्थान होता है। (3) कण लगातार गति करते हैं और एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
उत्तर: गैस के कणों के बीच बहुत अधिक खाली स्थान होता है। दबाव डालने पर यह स्थान कम किया जा सकता है, इसलिए गैस का आयतन घट सकता है।
उत्तर: ठोस का आकार और आयतन निश्चित होता है। द्रव का आयतन निश्चित लेकिन आकार पात्र के अनुसार होता है। गैस का न आकार निश्चित होता है, न आयतन; वह पूरे पात्र में फैलती है।
उत्तर: कणों का अपने-आप एक-दूसरे में फैलना विसरण है। उदाहरण: कमरे में इत्र की गंध का फैलना।
उत्तर: वाष्पीकरण द्रव की सतह पर किसी भी तापमान पर होता है। क्वथन निश्चित दबाव पर क्वथनांक पर पूरे द्रव में होता है और बुलबुले बनते हैं।
उत्तर: सतह का क्षेत्रफल, तापमान, हवा की गति और हवा की आर्द्रता। क्षेत्रफल, तापमान और हवा की गति बढ़ने पर वाष्पीकरण बढ़ता है; आर्द्रता बढ़ने पर घटता है।
उत्तर: अधिक ऊर्जा वाले कण सतह से बाहर निकल जाते हैं, जिससे बचे हुए द्रव की औसत गति-ऊर्जा घट जाती है और द्रव ठंडा हो सकता है।
हल: K = °C + 273 = 25 + 273 = 298 K।
उत्तर: मिट्टी के सूक्ष्म छिद्रों से थोड़ा पानी बाहरी सतह पर आता है और वाष्पित होता है। वाष्पीकरण में ऊष्मा लगती है, जो पानी/घड़े से ली जाती है, इसलिए पानी ठंडा होता है।
उत्तर: भाप त्वचा पर संघनित होकर पानी बनती है तो गुप्त ऊष्मा छोड़ती है। इस अतिरिक्त ऊष्मा से जलन अधिक हो सकती है।
उत्तर: तापमान बदलकर (गर्म या ठंडा करके) और दबाव बदलकर।
8. प्रतियोगी परीक्षा के MCQs (बहुविकल्पीय प्रश्न)
A. वे स्थिर रहते हैं
B. उनमें कोई आकर्षण बल नहीं होता
C. वे लगातार गति करते हैं
D. उनके बीच कोई खाली स्थान नहीं होता
उत्तर: C
A. पत्थर B. पानी C. हवा D. बर्फ
उत्तर: C
A. 0°C B. 50°C C. 100°C D. 273°C
उत्तर: C
A. आर्द्रता बढ़ने से B. सतह क्षेत्रफल बढ़ने से C. हवा की गति घटने से D. तापमान घटने से
उत्तर: B
A. 27°C B. 300°C C. 573°C D. 0°C
उत्तर: A — °C = 300 − 273 = 27°C.
A. संघनन B. जमना C. उर्ध्वपातन D. गलन
उत्तर: C
A. आर्द्रता हमेशा बढ़ती है B. हवा की गति वाष्पीकरण को बढ़ाती है C. कपड़े का द्रव्यमान शून्य हो जाता है D. पानी जम जाता है
उत्तर: B
A. पदार्थ का रंग बदलने में B. कणों के बीच आकर्षण को बदलने में C. द्रव्यमान समाप्त करने में D. सभी कणों को रोकने में
उत्तर: B
पाठ के सभी प्रमुख क्रियाकलाप और उनके निष्कर्ष
इन क्रियाकलापों का उद्देश्य केवल प्रयोग लिखना नहीं, बल्कि यह बताना है कि उससे कौन-सा वैज्ञानिक निष्कर्ष निकलता है। प्रयोगशाला में शिक्षक के निर्देश और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
विधि: एक बीकर में पानी लें, उसमें थोड़ी चीनी मिलाएँ और घोलें। पानी का स्वाद मीठा हो जाता है, जबकि चीनी के कण अलग से दिखाई नहीं देते।
निष्कर्ष: चीनी के कण पानी में फैल जाते हैं और पदार्थ के कणों के बीच खाली स्थान होता है। कण नष्ट नहीं होते।
विधि: शिक्षक की निगरानी में रंगीन घोल की थोड़ी मात्रा को बार-बार साफ पानी में मिलाकर पतला करें। कई बार पतला करने पर भी रंग दिखाई दे सकता है।
निष्कर्ष: मूल पदार्थ के बहुत छोटे कण भी बहुत अधिक पानी में फैलकर उसे रंग दे सकते हैं।
अवलोकन: स्याही का रंग पानी में फैलता है। गर्म पानी में फैलाव सामान्यतः तेजी से होता है।
निष्कर्ष: कण निरंतर गति करते हैं और तापमान बढ़ने पर उनकी औसत गति-ऊर्जा बढ़ती है। इसी कारण विसरण तेज होता है।
अवलोकन: कटोरे, गिलास और बोतल में पानी का आकार पात्र के अनुसार बदल जाता है, लेकिन समान मात्रा का पानी लेने पर उसका आयतन लगभग समान रहता है।
निष्कर्ष: द्रव का निश्चित आकार नहीं होता, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में उसका आयतन निश्चित होता है।
अवलोकन: फैला हुआ कपड़ा सामान्यतः जल्दी सूखता है।
निष्कर्ष: फैलाने से सतह क्षेत्रफल बढ़ता है और वाष्पीकरण की दर बढ़ती है। हवा और तापमान भी कपड़ा सूखने के समय को प्रभावित करते हैं।
पाठ्यपुस्तक के शेष अभ्यास प्रश्न — चरणबद्ध हल
नीचे पुराने 12-अध्याय वाले NCERT/RBSE क्रम के इस अध्याय में आने वाले प्रमुख पाठ्यपुस्तक प्रश्नों को प्रश्नार्थ के अनुसार संक्षेप में दोबारा लिखा गया है और हल दिया गया है। अलग reprint में शब्द या क्रम बदल सकते हैं; छात्र अपने संस्करण के प्रश्न क्रम से मिलान करें।
हल: ठोस सामान्यतः कठोर होते हैं, संपीड्यता बहुत कम होती है और उनका आकार व आयतन निश्चित होता है। द्रव बहते हैं, पात्र का आकार लेते हैं लेकिन आयतन लगभग निश्चित रखते हैं। गैसें आसानी से संपीडित होती हैं, पात्र को पूरी तरह भरती हैं और उनका आकार/आयतन निश्चित नहीं होता। कणों की औसत गति-ऊर्जा सामान्यतः ठोस से द्रव और फिर गैस की ओर बढ़ती है, यदि तापमान समान तुलनात्मक संदर्भ में बदल रहा हो तो वास्तविक व्यवहार पदार्थ के अनुसार देखना चाहिए। अधिकांश सामान्य ठोस और द्रवों का घनत्व गैसों से अधिक होता है।
हल: आकार/आयतन और द्रव्यमान एक ही बात नहीं हैं। कपास के रेशों के बीच बहुत हवा होती है, इसलिए ढेर का औसत घनत्व कम होता है। लोहे का घनत्व अधिक है; इसलिए बहुत कम आयतन की लोहे की वस्तु भी काफी द्रव्यमान रख सकती है।
हल: नहीं। ठोस के कण अपनी निश्चित औसत स्थिति के आसपास कंपन करते रहते हैं। वे द्रव या गैस की तरह स्वतंत्र रूप से दूर-दूर नहीं जा सकते, क्योंकि कणों के बीच आकर्षण बल मजबूत होता है।
हल: इत्र के कुछ कण वाष्प बनकर हवा में मिलते हैं। हवा और इत्र के कणों की निरंतर अनियमित गति के कारण वे दूर तक फैलते हैं। इस प्रक्रिया को विसरण कहते हैं।
हल: गैस के कणों के बीच खाली स्थान बहुत अधिक होता है; दबाव देने से यह खाली स्थान घट सकता है। ठोस में कण पहले ही बहुत पास और मजबूत आकर्षण से जुड़े होते हैं, इसलिए उसका आयतन बहुत कम घटता है।
हल: ठोस का बीच में द्रव बने बिना सीधे गैस में बदलना उर्ध्वपातन कहलाता है। कपूर, नैफ्थलीन और अमोनियम क्लोराइड को स्कूल प्रयोगों में इसके उदाहरण के रूप में पढ़ाया जाता है। पदार्थ के कण ठोस से निकलकर गैसीय अवस्था में चले जाते हैं।
हल: दी गई ऊर्जा बर्फ की संरचना में कणों के बीच आकर्षण को बदलकर उसे पानी में बदलने में खर्च होती है। इसे गलन की गुप्त ऊष्मा कहते हैं। जब तक बर्फ-पानी का मिश्रण पूरी तरह पानी में नहीं बदलता, तापमान स्थिर रह सकता है।
हल: क्वथन के दौरान ऊष्मा द्रव के कणों को गैस में बदलने में लगती है। यह वाष्पन की गुप्त ऊष्मा है, इसलिए द्रव और वाष्प साथ मौजूद रहने तक तापमान लगभग क्वथनांक पर बना रहता है। सारा पानी वाष्प बन जाने के बाद भाप का तापमान बढ़ाया जा सकता है।
हल: वाष्पीकरण की दर आर्द्रता कम होने पर बढ़ती है। शुष्क हवा अधिक जलवाष्प ग्रहण कर सकती है, जिससे पानी तेजी से वाष्पित होता है। वाष्पीकरण के लिए ऊष्मा ली जाती है, इसलिए हवा ठंडी होती है।
हल: एसीटोन अधिक वाष्पशील है और तेजी से वाष्पित हो सकता है। वाष्पीकरण के लिए आवश्यक ऊर्जा वह त्वचा से लेता है, इसलिए ठंडक महसूस होती है। एसीटोन ज्वलनशील है और इसका उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए।
हल: 0°C की बर्फ पिघलने के लिए आसपास से गलन की गुप्त ऊष्मा लेती है। 0°C के पानी को समान तापमान पर रखने पर यह अतिरिक्त गलन-ऊष्मा लेने की जरूरत नहीं होती। इसलिए पिघलती बर्फ अधिक ऊष्मा अवशोषित कर सकती है और बेहतर शीतलन देती है।
हल: LPG को सिलेंडर में उच्च दबाव पर द्रव रूप में रखा जाता है, जिससे उसे कम जगह में संग्रहित करना संभव होता है। वाल्व से बाहर आने पर दबाव घटता है और LPG गैस में बदलकर जलती है।
हल: दोनों में कण गति करते हैं और विसरण होता है। तापमान बढ़ने पर औसत गति-ऊर्जा बढ़ती है और सामान्यतः विसरण की दर बढ़ती है।
हल: समान द्रव्यमान की 100°C भाप में 100°C पानी की तुलना में अधिक ऊर्जा होती है, क्योंकि पानी को क्वथनांक पर भाप में बदलने के लिए वाष्पन की गुप्त ऊष्मा देनी पड़ती है। भाप जब संघनित होती है, तो यह ऊर्जा छोड़ती है।
हल: गर्म करने पर पानी और उसकी वाष्प की ऊर्जा बढ़ती है। बंद पात्र में वाष्प आसानी से बाहर नहीं निकल सकती, इसलिए दबाव बढ़ सकता है। सुरक्षा के लिए सामान्य बंद पात्र को गर्म नहीं करना चाहिए; तापमान और दबाव का संबंध वैज्ञानिक और तकनीकी उपकरणों में महत्त्वपूर्ण है।
गणनात्मक प्रश्नों के अतिरिक्त हल
हल: घनत्व = 1.5 kg ÷ 0.0005 m³ = 3000 kg/m³। इकाइयों को पहले से SI में रखने से उत्तर सीधे SI इकाई में आता है।
हल: K = 50 + 273 = 323 K।
हल: °C = 400 − 273 = 127°C।
परीक्षा में उत्तर लिखने का तरीका
- 1 अंक: परिभाषा या सही वैज्ञानिक शब्द लिखें।
- 2 अंक: परिभाषा + कारण या एक उपयुक्त उदाहरण दें।
- 3 अंक: तीन अलग बिंदु लिखें या दो स्थितियों में स्पष्ट अंतर दें।
- 4–5 अंक: तालिका/क्रमबद्ध चरण, वैज्ञानिक कारण और उदाहरण शामिल करें।
- Numerical: Given → Formula → Substitution → Calculation → Final answer with unit.
- घनत्व में mass और volume की इकाइयाँ जाँचें। तापमान रूपांतरण में °C और K को न मिलाएँ।
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- पदार्थ का द्रव्यमान होता है और वह स्थान घेरता है।
- कण बहुत छोटे होते हैं, उनके बीच स्थान होता है, वे गति करते हैं और एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
- ठोस: आकार व आयतन निश्चित; द्रव: आयतन निश्चित; गैस: न आकार निश्चित, न आयतन।
- गर्म करने या दबाव बदलने से पदार्थ की अवस्था बदल सकती है।
- गलनांक: ठोस के पिघलने का तापमान; क्वथनांक: द्रव के उबलने का तापमान, निश्चित दबाव पर।
- Kelvin = Celsius + 273; Celsius = Kelvin − 273 (स्कूल स्तर का रूपांतरण)।
- वाष्पीकरण को सतह क्षेत्रफल, तापमान, हवा की गति और आर्द्रता प्रभावित करते हैं।
- वाष्पीकरण से ठंडक होती है क्योंकि अधिक ऊर्जा वाले कण बाहर निकलकर ऊष्मा ले जाते हैं।
पाठ्यक्रम संदर्भ: RBSE कक्षा 9 विज्ञान, सत्र 2026–27 का आधिकारिक पाठ्यक्रम। इन नोट्स को निर्धारित पाठ्यपुस्तक और कक्षा में दिए गए निर्देशों के साथ पढ़ें।