RBSE Class 9 Science Chapter 1 Notes in Hindi

RBSE Class 9 Science · Chapter 1 · Exam Notes

हमारे आस-पास के पदार्थ (Matter in Our Surroundings)

पदार्थ के कण, ठोस-द्रव-गैस, अवस्था परिवर्तन, गुप्त ऊष्मा और वाष्पीकरण—सरल व्याख्या, हल किए प्रश्न और परीक्षा अभ्यास।

1. पदार्थ क्या है? (What Is Matter?)

पदार्थ (Matter): वह वस्तु जिसका द्रव्यमान (mass) होता है और जो स्थान घेरती है, पदार्थ कहलाती है। हवा, पानी, पत्थर, लकड़ी, दूध और हमारा शरीर पदार्थ के उदाहरण हैं। प्रकाश और ध्वनि पदार्थ नहीं, बल्कि ऊर्जा के रूप हैं।

द्रव्यमान (Mass): किसी वस्तु में पदार्थ की मात्रा का माप। इसकी SI इकाई किलोग्राम (kg) है। आयतन (Volume): वस्तु जितना स्थान घेरती है; इसकी SI इकाई घन मीटर (m³) है।

2. पदार्थ के कणों की विशेषताएँ (Characteristics of Particles)

(i) पदार्थ बहुत छोटे कणों से बना है

पदार्थ का एक छोटा-सा नमूना भी बहुत बड़ी संख्या में सूक्ष्म कणों से बना होता है। पोटैशियम परमैंगनेट के कुछ क्रिस्टल बहुत अधिक पानी को रंग सकते हैं, क्योंकि उसके कण पानी में फैल जाते हैं।

(ii) कणों के बीच खाली स्थान होता है

चीनी या नमक पानी में घुलने पर उनके कण पानी के कणों के बीच मौजूद स्थानों में फैल जाते हैं। इससे पता चलता है कि पदार्थ के कणों के बीच कुछ जगह होती है।

(iii) कण लगातार गति करते रहते हैं

पदार्थ के कणों में गति-ऊर्जा (kinetic energy) होती है। तापमान बढ़ाने पर सामान्यतः कणों की औसत गति-ऊर्जा बढ़ती है, इसलिए विसरण (diffusion) तेज होता है।

(iv) कण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं

कणों के बीच आकर्षण बल होता है। ठोस में यह सामान्यतः सबसे अधिक, द्रव में कम और गैस में बहुत कम होता है। इसी कारण ठोस का आकार स्थिर रहता है, जबकि गैस फैलकर पात्र को भर देती है।

ठोस, द्रव और गैस में कणों की व्यवस्था ठोस में कण पास-पास व्यवस्थित, द्रव में पास लेकिन अनियमित, गैस में बहुत दूर-दूर। ठोस (Solid) कण बहुत पास द्रव (Liquid) कण पास, पर अनियमित गैस (Gas) कण बहुत दूर चित्र कणों की सापेक्ष दूरी दिखाता है, वास्तविक आकार नहीं।

चित्र 1: अलग-अलग अवस्थाओं में कणों की दूरी और व्यवस्था अलग होती है।

Diffusion (विसरण) क्या है?

दो पदार्थों के कणों का अपने-आप एक-दूसरे में फैलना विसरण कहलाता है। उदाहरण: कमरे में इत्र की गंध का दूर तक फैलना या पानी में स्याही का फैलना। गैसों में कण तेजी से और दूर तक गति करते हैं, इसलिए उनका विसरण सामान्यतः द्रवों से तेज होता है।

3. पदार्थ की तीन मुख्य अवस्थाएँ (Three States of Matter)

गुणठोस (Solid)द्रव (Liquid)गैस (Gas)
आकारनिश्चितनिश्चित नहीं; पात्र का आकार लेता हैनिश्चित नहीं; पूरे पात्र में फैलती है
आयतननिश्चितनिश्चितनिश्चित नहीं; पात्र के अनुसार
कणों के बीच दूरीबहुत कमठोस से अधिकबहुत अधिक
आकर्षण बलसामान्यतः सबसे अधिकमध्यमबहुत कम
संपीड्यता (Compressibility)बहुत कमकमबहुत अधिक
कणों की गतिमुख्यतः अपने स्थान पर कंपनएक-दूसरे के ऊपर से खिसक सकते हैंतेजी से स्वतंत्र गति
उदाहरणबर्फ, पत्थरपानी, तेलहवा, ऑक्सीजन

गैस को आसानी से संपीडित क्यों किया जा सकता है?

गैस के कणों के बीच बहुत अधिक खाली स्थान होता है। दबाव डालने पर कणों को पास लाया जा सकता है, इसलिए गैस का आयतन कम हो सकता है। ठोस और द्रव में कण पहले से पास होते हैं, इसलिए उन्हें बहुत कम संपीडित किया जा सकता है।

4. अवस्था परिवर्तन (Change of State)

तापमान या दबाव बदलने पर पदार्थ एक अवस्था से दूसरी अवस्था में जा सकता है। अवस्था बदलने पर पदार्थ की रासायनिक पहचान सामान्यतः वही रहती है: बर्फ, पानी और जलवाष्प तीनों पानी ही हैं।

पदार्थ की अवस्थाओं के परिवर्तन ठोस से द्रव गलन, द्रव से ठोस जमना, द्रव से गैस वाष्पीकरण या उबाल, गैस से द्रव संघनन और ठोस से गैस उर्ध्वपातन। ठोसSolid द्रवLiquid गैसGas गलन जमना वाष्पीकरण/उबाल संघनन ठोस → गैस: उर्ध्वपातन (Sublimation)

चित्र 2: पदार्थ की मुख्य अवस्थाएँ और अवस्था परिवर्तन।

परिवर्तननामउदाहरण
ठोस → द्रवगलन (Melting/Fusion)बर्फ का पानी बनना
द्रव → ठोसजमना (Freezing)पानी का बर्फ बनना
द्रव → गैसवाष्पन/वाष्पीकरण (Vaporisation/Evaporation)पानी का भाप बनना
गैस → द्रवसंघनन (Condensation)ठंडे गिलास के बाहर पानी की बूंदें बनना
ठोस → सीधे गैसउर्ध्वपातन (Sublimation)कपूर या नैफ्थलीन का सीधे वाष्प बनना
गैस → सीधे ठोसनिक्षेपण (Deposition)विशेष परिस्थितियों में जलवाष्प से बर्फ बनना

तापमान से अवस्था कैसे बदलती है?

गर्म करने पर कणों की गति-ऊर्जा बढ़ती है। पर्याप्त ऊर्जा मिलने पर कणों के बीच आकर्षण के प्रभाव से बाहर निकलकर पदार्थ की अवस्था बदल सकती है। ठंडा करने पर सामान्यतः कणों की गति-ऊर्जा घटती है और गैस द्रव या द्रव ठोस में बदल सकता है।

गलनांक (Melting Point): वह तापमान जिस पर किसी निश्चित दबाव पर ठोस पिघलकर द्रव बनने लगता है। सामान्य वायुमंडलीय दबाव पर बर्फ का गलनांक लगभग 0°C या 273 K है।

क्वथनांक (Boiling Point): वह तापमान जिस पर द्रव के भीतर भी वाष्प के बुलबुले बनने लगते हैं और द्रव उबलता है। सामान्य वायुमंडलीय दबाव पर पानी का क्वथनांक लगभग 100°C या 373 K है। दबाव बदलने पर क्वथनांक बदल सकता है।

तापमान रूपांतरण:

Kelvin (K) = Celsius (°C) + 273

Celsius (°C) = Kelvin (K) − 273

उदाहरण: 25°C = 25 + 273 = 298 K। और 300 K = 300 − 273 = 27°C। स्कूल स्तर पर सामान्यतः 273 का प्रयोग किया जाता है; अधिक सटीक रूपांतरण में 273.15 लें। Kelvin के साथ degree का चिह्न नहीं लगाते: 300 K सही है, 300°K नहीं।

बर्फ को गर्म करने का तापमान ग्राफ बर्फ का तापमान माइनस दस से शून्य तक बढ़ता है; गलन के समय स्थिर रहता है; पानी गर्म होकर सौ डिग्री तक पहुँचता है; क्वथन के समय स्थिर रहता है; फिर भाप का तापमान बढ़ता है। 0°C 100°C तापमान दी गई ऊष्मा / समय → A–B: बर्फ गर्म B–C: गलन C–D: पानी गर्म D–E: क्वथन E–F: भाप गर्म

चित्र 3: समतल भागों B–C और D–E में अवस्था बदलने के कारण तापमान स्थिर रहता है।

Latent Heat (गुप्त ऊष्मा)

अवस्था परिवर्तन के दौरान पदार्थ ऊष्मा ले या छोड़ सकता है, लेकिन अवस्था बदलते समय उसका तापमान कुछ समय स्थिर रह सकता है। इस ऊष्मा का उपयोग तापमान बढ़ाने के बजाय कणों के बीच आकर्षण को बदलने में होता है। अवस्था बदलने के लिए दी या ली गई ऊष्मा को गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) कहते हैं।

  • गलन की गुप्त ऊष्मा: गलनांक पर ठोस को द्रव में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा, बिना तापमान बदले।
  • वाष्पन की गुप्त ऊष्मा: क्वथनांक पर द्रव को गैस में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा, बिना तापमान बदले।

दबाव से अवस्था परिवर्तन

गैस का दबाव बढ़ाने और तापमान घटाने से उसके कण पास लाए जा सकते हैं, जिससे गैस द्रव में बदल सकती है। LPG को सिलेंडर में दबाव के कारण द्रव रूप में रखा जाता है। सिलेंडर से बाहर निकलने पर दबाव घटता है और LPG गैस बनती है।

5. Evaporation (वाष्पीकरण)

वाष्पीकरण: द्रव की सतह से कुछ कण पर्याप्त ऊर्जा पाकर किसी भी तापमान पर गैस में बदलकर बाहर निकल जाते हैं। यह केवल सतह पर होने वाली प्रक्रिया है।

क्वथन और वाष्पीकरण में अंतर: वाष्पीकरण सतह पर और किसी भी तापमान पर हो सकता है; क्वथन एक निश्चित दबाव पर क्वथनांक के आसपास पूरे द्रव में होता है और बुलबुले बनते हैं।

वाष्पीकरण को प्रभावित करने वाले कारक

कारकप्रभावकारण
सतह का क्षेत्रफलक्षेत्रफल बढ़े तो वाष्पीकरण बढ़ता हैअधिक कण सतह पर होते हैं
तापमानतापमान बढ़े तो वाष्पीकरण बढ़ता हैअधिक कणों को बाहर निकलने योग्य ऊर्जा मिलती है
हवा की गतिहवा तेज हो तो वाष्पीकरण बढ़ता हैसतह के पास जमा वाष्प हटती रहती है
आर्द्रता (Humidity)आर्द्रता बढ़े तो वाष्पीकरण घटता हैहवा में पहले से जलवाष्प अधिक होती है
वाष्पीकरण की दर को प्रभावित करने वाले कारक तापमान, सतह क्षेत्रफल और हवा की गति बढ़ने से वाष्पीकरण बढ़ता है; आर्द्रता बढ़ने से वाष्पीकरण घटता है। वाष्पीकरण बढ़ता है तापमान ↑ · सतह क्षेत्रफल ↑ हवा की गति ↑ वाष्पीकरण घटता है हवा की आर्द्रता ↑ सतह से कण निकलते हैं हवा वाष्प को सतह से दूर ले जाती है

चित्र 4: वाष्पीकरण में सतह के कण निकलते हैं; सूखी और गतिशील हवा प्रक्रिया को तेज करती है।

वाष्पीकरण से ठंडक क्यों होती है?

द्रव की सतह से अधिक ऊर्जा वाले कण बाहर निकलते हैं। शेष द्रव की औसत गति-ऊर्जा घट जाती है, इसलिए उसका तापमान कम हो सकता है। यह वाष्पीकरण द्वारा शीतलन (Cooling due to Evaporation) है।

  • पसीना: पसीना वाष्पित होने पर शरीर से ऊष्मा लेता है और ठंडक देता है।
  • रेगिस्तान में कूलर: गर्म और शुष्क हवा में पानी तेजी से वाष्पित होता है, इसलिए कूलर अधिक ठंडक दे सकता है।
  • मिट्टी के घड़े का पानी: घड़े के सूक्ष्म छिद्रों से बाहर आया पानी वाष्पित होता है और पानी को ठंडा करता है।
  • गीले कपड़े: कपड़े फैलाकर सुखाने से सतह का क्षेत्रफल बढ़ता है; हवा और गर्मी मिलने पर वे जल्दी सूखते हैं।

6. महत्त्वपूर्ण परिभाषाएँ (Important Definitions)

Termपरीक्षा में लिखने योग्य अर्थ
पदार्थ (Matter)जिसका द्रव्यमान हो और जो स्थान घेरता हो।
विसरण (Diffusion)दो पदार्थों के कणों का अपने-आप एक-दूसरे में फैलना।
संपीड्यता (Compressibility)दबाव डालने पर किसी पदार्थ का आयतन कम होने की क्षमता।
गलन (Melting)ठोस का ऊष्मा लेकर द्रव में बदलना।
संघनन (Condensation)गैस/वाष्प का ठंडा होकर द्रव में बदलना।
उर्ध्वपातन (Sublimation)ठोस का द्रव अवस्था से गुजरे बिना सीधे गैस बनना।
गुप्त ऊष्मा (Latent Heat)अवस्था परिवर्तन के दौरान तापमान बदले बिना ली या छोड़ी गई ऊष्मा।
वाष्पीकरण (Evaporation)द्रव की सतह से कणों का किसी भी तापमान पर गैस में बदलना।
आर्द्रता (Humidity)हवा में मौजूद जलवाष्प की मात्रा का माप/संकेत।

7. स्कूल परीक्षा के महत्त्वपूर्ण प्रश्न (RBSE Exam Questions)

प्रश्न 1. पदार्थ की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।

उत्तर: जिस वस्तु का द्रव्यमान होता है और जो स्थान घेरती है, वह पदार्थ है। जैसे पानी, हवा, लकड़ी और पत्थर।

प्रश्न 2. पदार्थ के कणों की कोई तीन विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर: (1) पदार्थ छोटे कणों से बना है। (2) कणों के बीच खाली स्थान होता है। (3) कण लगातार गति करते हैं और एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।

प्रश्न 3. गैसें आसानी से संपीडित क्यों हो जाती हैं?

उत्तर: गैस के कणों के बीच बहुत अधिक खाली स्थान होता है। दबाव डालने पर यह स्थान कम किया जा सकता है, इसलिए गैस का आयतन घट सकता है।

प्रश्न 4. ठोस, द्रव और गैस में दो अंतर लिखिए।

उत्तर: ठोस का आकार और आयतन निश्चित होता है। द्रव का आयतन निश्चित लेकिन आकार पात्र के अनुसार होता है। गैस का न आकार निश्चित होता है, न आयतन; वह पूरे पात्र में फैलती है।

प्रश्न 5. विसरण क्या है? एक उदाहरण दें।

उत्तर: कणों का अपने-आप एक-दूसरे में फैलना विसरण है। उदाहरण: कमरे में इत्र की गंध का फैलना।

प्रश्न 6. वाष्पीकरण और क्वथन में अंतर बताइए।

उत्तर: वाष्पीकरण द्रव की सतह पर किसी भी तापमान पर होता है। क्वथन निश्चित दबाव पर क्वथनांक पर पूरे द्रव में होता है और बुलबुले बनते हैं।

प्रश्न 7. वाष्पीकरण को प्रभावित करने वाले चार कारक लिखिए।

उत्तर: सतह का क्षेत्रफल, तापमान, हवा की गति और हवा की आर्द्रता। क्षेत्रफल, तापमान और हवा की गति बढ़ने पर वाष्पीकरण बढ़ता है; आर्द्रता बढ़ने पर घटता है।

प्रश्न 8. वाष्पीकरण से ठंडक क्यों होती है?

उत्तर: अधिक ऊर्जा वाले कण सतह से बाहर निकल जाते हैं, जिससे बचे हुए द्रव की औसत गति-ऊर्जा घट जाती है और द्रव ठंडा हो सकता है।

प्रश्न 9. 25°C को Kelvin में बदलिए।

हल: K = °C + 273 = 25 + 273 = 298 K।

प्रश्न 10. गर्मियों में मिट्टी के घड़े का पानी ठंडा क्यों रहता है?

उत्तर: मिट्टी के सूक्ष्म छिद्रों से थोड़ा पानी बाहरी सतह पर आता है और वाष्पित होता है। वाष्पीकरण में ऊष्मा लगती है, जो पानी/घड़े से ली जाती है, इसलिए पानी ठंडा होता है।

प्रश्न 11. 100°C की भाप, 100°C के पानी से अधिक जलन क्यों कर सकती है?

उत्तर: भाप त्वचा पर संघनित होकर पानी बनती है तो गुप्त ऊष्मा छोड़ती है। इस अतिरिक्त ऊष्मा से जलन अधिक हो सकती है।

प्रश्न 12. पदार्थ की अवस्था बदलने के दो तरीके लिखिए।

उत्तर: तापमान बदलकर (गर्म या ठंडा करके) और दबाव बदलकर।

8. प्रतियोगी परीक्षा के MCQs (बहुविकल्पीय प्रश्न)

1. पदार्थ के कणों के बारे में सही कथन कौन-सा है?
A. वे स्थिर रहते हैं
B. उनमें कोई आकर्षण बल नहीं होता
C. वे लगातार गति करते हैं
D. उनके बीच कोई खाली स्थान नहीं होता

उत्तर: C

2. निम्न में सबसे अधिक संपीड्य कौन है?
A. पत्थर   B. पानी   C. हवा   D. बर्फ

उत्तर: C

3. पानी का सामान्य वायुमंडलीय दबाव पर क्वथनांक है:
A. 0°C   B. 50°C   C. 100°C   D. 273°C

उत्तर: C

4. वाष्पीकरण किससे बढ़ता है?
A. आर्द्रता बढ़ने से   B. सतह क्षेत्रफल बढ़ने से   C. हवा की गति घटने से   D. तापमान घटने से

उत्तर: B

5. 300 K लगभग कितने °C के बराबर है?
A. 27°C   B. 300°C   C. 573°C   D. 0°C

उत्तर: A — °C = 300 − 273 = 27°C.

6. कपूर का सीधे ठोस से गैस में बदलना कहलाता है:
A. संघनन   B. जमना   C. उर्ध्वपातन   D. गलन

उत्तर: C

7. गीले कपड़े पंखे में जल्दी क्यों सूखते हैं?
A. आर्द्रता हमेशा बढ़ती है   B. हवा की गति वाष्पीकरण को बढ़ाती है   C. कपड़े का द्रव्यमान शून्य हो जाता है   D. पानी जम जाता है

उत्तर: B

8. अवस्था परिवर्तन के दौरान तापमान स्थिर रहने पर दी गई ऊष्मा का उपयोग मुख्यतः किसमें होता है?
A. पदार्थ का रंग बदलने में   B. कणों के बीच आकर्षण को बदलने में   C. द्रव्यमान समाप्त करने में   D. सभी कणों को रोकने में

उत्तर: B

पाठ के सभी प्रमुख क्रियाकलाप और उनके निष्कर्ष

इन क्रियाकलापों का उद्देश्य केवल प्रयोग लिखना नहीं, बल्कि यह बताना है कि उससे कौन-सा वैज्ञानिक निष्कर्ष निकलता है। प्रयोगशाला में शिक्षक के निर्देश और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

क्रियाकलाप 1: चीनी/नमक को पानी में घोलना

विधि: एक बीकर में पानी लें, उसमें थोड़ी चीनी मिलाएँ और घोलें। पानी का स्वाद मीठा हो जाता है, जबकि चीनी के कण अलग से दिखाई नहीं देते।

निष्कर्ष: चीनी के कण पानी में फैल जाते हैं और पदार्थ के कणों के बीच खाली स्थान होता है। कण नष्ट नहीं होते।

क्रियाकलाप 2: पोटैशियम परमैंगनेट के घोल को क्रमशः पतला करना

विधि: शिक्षक की निगरानी में रंगीन घोल की थोड़ी मात्रा को बार-बार साफ पानी में मिलाकर पतला करें। कई बार पतला करने पर भी रंग दिखाई दे सकता है।

निष्कर्ष: मूल पदार्थ के बहुत छोटे कण भी बहुत अधिक पानी में फैलकर उसे रंग दे सकते हैं।

क्रियाकलाप 3: पानी में स्याही की बूंद डालना

अवलोकन: स्याही का रंग पानी में फैलता है। गर्म पानी में फैलाव सामान्यतः तेजी से होता है।

निष्कर्ष: कण निरंतर गति करते हैं और तापमान बढ़ने पर उनकी औसत गति-ऊर्जा बढ़ती है। इसी कारण विसरण तेज होता है।

क्रियाकलाप 4: अलग-अलग पात्रों में समान मात्रा का पानी डालना

अवलोकन: कटोरे, गिलास और बोतल में पानी का आकार पात्र के अनुसार बदल जाता है, लेकिन समान मात्रा का पानी लेने पर उसका आयतन लगभग समान रहता है।

निष्कर्ष: द्रव का निश्चित आकार नहीं होता, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में उसका आयतन निश्चित होता है।

क्रियाकलाप 5: गीले कपड़े को फैलाना और मोड़कर रखना

अवलोकन: फैला हुआ कपड़ा सामान्यतः जल्दी सूखता है।

निष्कर्ष: फैलाने से सतह क्षेत्रफल बढ़ता है और वाष्पीकरण की दर बढ़ती है। हवा और तापमान भी कपड़ा सूखने के समय को प्रभावित करते हैं।

पाठ्यपुस्तक के शेष अभ्यास प्रश्न — चरणबद्ध हल

नीचे पुराने 12-अध्याय वाले NCERT/RBSE क्रम के इस अध्याय में आने वाले प्रमुख पाठ्यपुस्तक प्रश्नों को प्रश्नार्थ के अनुसार संक्षेप में दोबारा लिखा गया है और हल दिया गया है। अलग reprint में शब्द या क्रम बदल सकते हैं; छात्र अपने संस्करण के प्रश्न क्रम से मिलान करें।

प्रश्न 1. ठोस, द्रव और गैस के गुणों की तुलना कठोरता, संपीड्यता, बहने की क्षमता, पात्र भरने, आकार, गति-ऊर्जा और घनत्व के आधार पर कीजिए।

हल: ठोस सामान्यतः कठोर होते हैं, संपीड्यता बहुत कम होती है और उनका आकार व आयतन निश्चित होता है। द्रव बहते हैं, पात्र का आकार लेते हैं लेकिन आयतन लगभग निश्चित रखते हैं। गैसें आसानी से संपीडित होती हैं, पात्र को पूरी तरह भरती हैं और उनका आकार/आयतन निश्चित नहीं होता। कणों की औसत गति-ऊर्जा सामान्यतः ठोस से द्रव और फिर गैस की ओर बढ़ती है, यदि तापमान समान तुलनात्मक संदर्भ में बदल रहा हो तो वास्तविक व्यवहार पदार्थ के अनुसार देखना चाहिए। अधिकांश सामान्य ठोस और द्रवों का घनत्व गैसों से अधिक होता है।

प्रश्न 2. कपास का बड़ा ढेर लोहे की छोटी कील से हल्का हो सकता है, जबकि उसका आकार बहुत बड़ा है। कारण बताइए।

हल: आकार/आयतन और द्रव्यमान एक ही बात नहीं हैं। कपास के रेशों के बीच बहुत हवा होती है, इसलिए ढेर का औसत घनत्व कम होता है। लोहे का घनत्व अधिक है; इसलिए बहुत कम आयतन की लोहे की वस्तु भी काफी द्रव्यमान रख सकती है।

प्रश्न 3. क्या ठोस पदार्थों के कण बिल्कुल नहीं चलते?

हल: नहीं। ठोस के कण अपनी निश्चित औसत स्थिति के आसपास कंपन करते रहते हैं। वे द्रव या गैस की तरह स्वतंत्र रूप से दूर-दूर नहीं जा सकते, क्योंकि कणों के बीच आकर्षण बल मजबूत होता है।

प्रश्न 4. इत्र की गंध पूरे कमरे में किस प्रकार पहुँचती है?

हल: इत्र के कुछ कण वाष्प बनकर हवा में मिलते हैं। हवा और इत्र के कणों की निरंतर अनियमित गति के कारण वे दूर तक फैलते हैं। इस प्रक्रिया को विसरण कहते हैं।

प्रश्न 5. गैसें ठोसों की तुलना में बहुत अधिक संपीड्य क्यों हैं?

हल: गैस के कणों के बीच खाली स्थान बहुत अधिक होता है; दबाव देने से यह खाली स्थान घट सकता है। ठोस में कण पहले ही बहुत पास और मजबूत आकर्षण से जुड़े होते हैं, इसलिए उसका आयतन बहुत कम घटता है।

प्रश्न 6. उर्ध्वपातन को उदाहरण सहित समझाइए।

हल: ठोस का बीच में द्रव बने बिना सीधे गैस में बदलना उर्ध्वपातन कहलाता है। कपूर, नैफ्थलीन और अमोनियम क्लोराइड को स्कूल प्रयोगों में इसके उदाहरण के रूप में पढ़ाया जाता है। पदार्थ के कण ठोस से निकलकर गैसीय अवस्था में चले जाते हैं।

प्रश्न 7. गलनांक पर बर्फ को लगातार गर्म करने पर कुछ समय तक तापमान 0°C क्यों रहता है?

हल: दी गई ऊर्जा बर्फ की संरचना में कणों के बीच आकर्षण को बदलकर उसे पानी में बदलने में खर्च होती है। इसे गलन की गुप्त ऊष्मा कहते हैं। जब तक बर्फ-पानी का मिश्रण पूरी तरह पानी में नहीं बदलता, तापमान स्थिर रह सकता है।

प्रश्न 8. पानी का क्वथनांक सामान्य दबाव पर 100°C है। उबलते पानी को लगातार गर्म करने पर पानी का तापमान तुरंत 110°C क्यों नहीं हो जाता?

हल: क्वथन के दौरान ऊष्मा द्रव के कणों को गैस में बदलने में लगती है। यह वाष्पन की गुप्त ऊष्मा है, इसलिए द्रव और वाष्प साथ मौजूद रहने तक तापमान लगभग क्वथनांक पर बना रहता है। सारा पानी वाष्प बन जाने के बाद भाप का तापमान बढ़ाया जा सकता है।

प्रश्न 9. रेगिस्तान में दिन गर्म और रातें ठंडी होने के अलावा शुष्क हवा में कूलर का अच्छा असर किस सिद्धांत से समझाया जा सकता है?

हल: वाष्पीकरण की दर आर्द्रता कम होने पर बढ़ती है। शुष्क हवा अधिक जलवाष्प ग्रहण कर सकती है, जिससे पानी तेजी से वाष्पित होता है। वाष्पीकरण के लिए ऊष्मा ली जाती है, इसलिए हवा ठंडी होती है।

प्रश्न 10. एक ही तापमान पर एसीटोन त्वचा पर पानी की तुलना में अधिक ठंडक दे सकता है। कारण बताइए।

हल: एसीटोन अधिक वाष्पशील है और तेजी से वाष्पित हो सकता है। वाष्पीकरण के लिए आवश्यक ऊर्जा वह त्वचा से लेता है, इसलिए ठंडक महसूस होती है। एसीटोन ज्वलनशील है और इसका उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए।

प्रश्न 11. यदि बर्फ और पानी दोनों 0°C पर हों, तो बर्फ अधिक ठंडक क्यों दे सकती है?

हल: 0°C की बर्फ पिघलने के लिए आसपास से गलन की गुप्त ऊष्मा लेती है। 0°C के पानी को समान तापमान पर रखने पर यह अतिरिक्त गलन-ऊष्मा लेने की जरूरत नहीं होती। इसलिए पिघलती बर्फ अधिक ऊष्मा अवशोषित कर सकती है और बेहतर शीतलन देती है।

प्रश्न 12. तापमान और दबाव बदलने से LPG का उपयोग कैसे संभव होता है?

हल: LPG को सिलेंडर में उच्च दबाव पर द्रव रूप में रखा जाता है, जिससे उसे कम जगह में संग्रहित करना संभव होता है। वाल्व से बाहर आने पर दबाव घटता है और LPG गैस में बदलकर जलती है।

प्रश्न 13. गर्म भोजन की गंध तेजी से फैलने और ठंडी स्याही के पानी में धीरे फैलने में समान विचार क्या है?

हल: दोनों में कण गति करते हैं और विसरण होता है। तापमान बढ़ने पर औसत गति-ऊर्जा बढ़ती है और सामान्यतः विसरण की दर बढ़ती है।

प्रश्न 14. 100°C की भाप और 100°C पानी में किसके पास अधिक ऊर्जा हो सकती है, और क्यों?

हल: समान द्रव्यमान की 100°C भाप में 100°C पानी की तुलना में अधिक ऊर्जा होती है, क्योंकि पानी को क्वथनांक पर भाप में बदलने के लिए वाष्पन की गुप्त ऊष्मा देनी पड़ती है। भाप जब संघनित होती है, तो यह ऊर्जा छोड़ती है।

प्रश्न 15. अगर पानी को बंद मजबूत पात्र में गर्म किया जाए, तो दबाव का प्रभाव क्यों ध्यान में रखना चाहिए?

हल: गर्म करने पर पानी और उसकी वाष्प की ऊर्जा बढ़ती है। बंद पात्र में वाष्प आसानी से बाहर नहीं निकल सकती, इसलिए दबाव बढ़ सकता है। सुरक्षा के लिए सामान्य बंद पात्र को गर्म नहीं करना चाहिए; तापमान और दबाव का संबंध वैज्ञानिक और तकनीकी उपकरणों में महत्त्वपूर्ण है।

गणनात्मक प्रश्नों के अतिरिक्त हल

प्रश्न 16. किसी पदार्थ का द्रव्यमान 1.5 kg और आयतन 0.0005 m³ है। घनत्व निकालिए।

हल: घनत्व = 1.5 kg ÷ 0.0005 m³ = 3000 kg/m³। इकाइयों को पहले से SI में रखने से उत्तर सीधे SI इकाई में आता है।

प्रश्न 17. 50°C को Kelvin में बदलिए।

हल: K = 50 + 273 = 323 K।

प्रश्न 18. 400 K को Celsius में बदलिए।

हल: °C = 400 − 273 = 127°C।

परीक्षा में उत्तर लिखने का तरीका

  • 1 अंक: परिभाषा या सही वैज्ञानिक शब्द लिखें।
  • 2 अंक: परिभाषा + कारण या एक उपयुक्त उदाहरण दें।
  • 3 अंक: तीन अलग बिंदु लिखें या दो स्थितियों में स्पष्ट अंतर दें।
  • 4–5 अंक: तालिका/क्रमबद्ध चरण, वैज्ञानिक कारण और उदाहरण शामिल करें।
  • Numerical: Given → Formula → Substitution → Calculation → Final answer with unit.
  • घनत्व में mass और volume की इकाइयाँ जाँचें। तापमान रूपांतरण में °C और K को न मिलाएँ।

त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)

  • पदार्थ का द्रव्यमान होता है और वह स्थान घेरता है।
  • कण बहुत छोटे होते हैं, उनके बीच स्थान होता है, वे गति करते हैं और एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
  • ठोस: आकार व आयतन निश्चित; द्रव: आयतन निश्चित; गैस: न आकार निश्चित, न आयतन।
  • गर्म करने या दबाव बदलने से पदार्थ की अवस्था बदल सकती है।
  • गलनांक: ठोस के पिघलने का तापमान; क्वथनांक: द्रव के उबलने का तापमान, निश्चित दबाव पर।
  • Kelvin = Celsius + 273; Celsius = Kelvin − 273 (स्कूल स्तर का रूपांतरण)।
  • वाष्पीकरण को सतह क्षेत्रफल, तापमान, हवा की गति और आर्द्रता प्रभावित करते हैं।
  • वाष्पीकरण से ठंडक होती है क्योंकि अधिक ऊर्जा वाले कण बाहर निकलकर ऊष्मा ले जाते हैं।

पाठ्यक्रम संदर्भ: RBSE कक्षा 9 विज्ञान, सत्र 2026–27 का आधिकारिक पाठ्यक्रम। इन नोट्स को निर्धारित पाठ्यपुस्तक और कक्षा में दिए गए निर्देशों के साथ पढ़ें।

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